माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी बसंत पंचमी, वह पावन पर्व है जब प्रकृति सुनहरी चादर ओढ़ लेती है और चारों ओर ज्ञान व नई ऊर्जा का संचार होता है। साल 2026 में यह त्योहार 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। शास्त्रों में इस दिन को ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा गया है, यानी किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए यह दिन सर्वोत्तम है।
विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित यह दिन केवल सुबह की पूजा तक सीमित नहीं है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, बसंत पंचमी की शाम घर के कुछ खास कोनों में दीपक जलाना आपके करियर और बौद्धिक क्षमता में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि वे कौन से स्थान हैं जहाँ का एक छोटा सा दीया आपकी किस्मत रोशन कर सकता है।
बसंत पंचमी 2026: शुभ मुहूर्त और शाम का महत्व
इस साल पंचमी तिथि 23 जनवरी की सुबह 2:28 बजे से शुरू होकर 24 जनवरी की रात 1:46 बजे तक रहेगी। पूजा का मुख्य मुहूर्त सुबह 07:13 से दोपहर 12:33 तक है, लेकिन संध्या काल (गोधूलि मुहूर्त) का अपना एक विशेष आध्यात्मिक महत्व है। शाम 05:50 से 06:17 के बीच दीप दान करना नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर उन्नति के मार्ग खोलता है।
करियर में तरक्की के लिए इन 5 स्थानों पर जलाएं दीपक
1. मां सरस्वती के सम्मुख: ज्ञान का दीपक
सबसे पहला और मुख्य दीपक अपने घर के पूजा स्थान पर मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने जलाएं।
- विशेष उपाय: यदि संभव हो तो शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उसमें एक चुटकी हल्दी डाल दें। पीला रंग ज्ञान और विस्तार का प्रतीक है। यह उपाय आपकी एकाग्रता को बढ़ाता है और करियर में आने वाले मानसिक भ्रम को दूर करता है।
2. स्टडी टेबल या किताबों की अलमारी: बुद्धिमत्ता का संचार
छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। अपनी पुस्तकों या वर्क-डेस्क के पास एक दीपक जलाना आपके काम के प्रति रुचि और फोकस को बढ़ाता है।
विशेषज्ञ मत: वास्तु शास्त्र के अनुसार, किताबों के पास रोशनी करने से वहां जमी हुई सुस्त ऊर्जा (Stagnant Energy) सक्रिय हो जाती है, जिससे नई योजनाएं और विचार मन में आते हैं।
3. घर का मुख्य द्वार: अवसरों का स्वागत
शाम के समय घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर दीपक जलाना ‘महालक्ष्मी’ और ‘महासरस्वती’ दोनों के स्वागत का प्रतीक है। मुख्य द्वार से ही घर में ऊर्जा का प्रवेश होता है। यहाँ दीपक जलाने से जीवन का अंधकार दूर होता है और कार्यक्षेत्र में प्रमोशन व नए अवसरों के द्वार खुलते हैं।
4. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा): देवताओं का स्थान
वास्तु के अनुसार घर का उत्तर-पूर्व कोना सबसे पवित्र माना जाता है। यहाँ दीपक जलाने से बुद्धि और विवेक जागृत होता है। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा या इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं, तो इस दिशा में जलाया गया दीपक आपके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
5. तुलसी का पौधा: यश और कीर्ति
तुलसी को साक्षात लक्ष्मी और ज्ञान का स्वरूप माना जाता है। बसंत पंचमी की शाम तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में शांति आती है और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ता है। इससे करियर में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
दीपक जलाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- दिशा: दीपक की लौ हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होनी चाहिए।
- शुद्धता: दीया मिट्टी या धातु (पीतल/तांबा) का हो सकता है, लेकिन वह साफ-सुथरा होना चाहिए।
- मंत्र जाप: दीपक जलाते समय ‘ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः’ का जाप करना फल को कई गुना बढ़ा देता है।
निष्कर्ष
बसंत पंचमी का त्योहार केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि अपने भीतर के अज्ञान को मिटाकर ज्ञान की रोशनी फैलाने का अवसर है। शाम के समय इन खास जगहों पर दीपक जलाना आपकी मेहनत को सही दिशा देने और करियर की बाधाओं को दूर करने का एक आध्यात्मिक सहारा है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह छोटा सा कार्य आपके भविष्य को ‘बसंत’ की तरह ही खिला-खिला बना सकता है।
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