भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Adani Enterprises के शेयरों में आई भारी गिरावट की रही। अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी के शेयर आज 7.87% (इंट्राडे में 9% से अधिक) तक टूट गए, जिससे यह Nifty 50 के टॉप लूजर्स की लिस्ट में सबसे ऊपर आ गया।
निवेशकों के मन में सवाल है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि कल तक स्थिर दिखने वाला यह स्टॉक आज धड़ाम हो गया? आइए, एक एक्सपर्ट की नज़र से इस पूरी स्थिति को आसान भाषा में समझते हैं।
1. गिरावट की मुख्य वजह: अमेरिका से आई ‘बुरी खबर’
शेयर बाजार में किसी भी बड़े शेयर का गिरना अक्सर किसी नकारात्मक खबर से जुड़ा होता है। अडानी एंटरप्राइजेज के मामले में भी यही हुआ। गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण US Securities and Exchange Commission (SEC) की नई कानूनी कार्रवाई है।
- ईमेल के जरिए समन: रिपोर्ट्स के अनुसार, SEC ने अमेरिकी अदालत से अनुमति मांगी है कि वे गौतम अडानी और सागर अडानी को सीधे ईमेल के जरिए समन (Summons) भेज सकें।
- वजह क्या है? यह मामला 2024 के अंत में सामने आए कथित रिश्वतखोरी के आरोपों से जुड़ा है। SEC का कहना है कि आधिकारिक चैनलों के जरिए समन भेजने की उनकी कोशिशें सफल नहीं रहीं, इसलिए अब वे डिजिटल रास्ता अपनाना चाहते हैं।
- निवेशकों का डर: जैसे ही यह खबर बाजार में फैली, निवेशकों में हड़कंप मच गया। उन्हें डर है कि कानूनी पेचीदगियां ग्रुप के भविष्य के प्रोजेक्ट्स और फंड जुटाने की क्षमता पर असर डाल सकती हैं।
2. बाजार का गणित: आंकड़ों की जुबानी
आज के कारोबारी सत्र में अडानी एंटरप्राइजेज का प्रदर्शन किसी डरावने सपने जैसा रहा।
- भाव में गिरावट: स्टॉक जो कल ₹2,086 के आसपास बंद हुआ था, वह फिसलकर ₹1,900 के स्तर के करीब पहुंच गया।
- मार्केट कैप का नुकसान: अडानी ग्रुप की सभी 10 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज करीब ₹1.1 लाख करोड़ कम हो गया।
- Nifty 50 पर दबाव: चूंकि अडानी एंटरप्राइजेज निफ्टी का हिस्सा है, इसकी गिरावट ने इंडेक्स को भी नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
3. खराब तिमाही नतीजों का ‘डबल झटका’
सिर्फ कानूनी खबरें ही नहीं, बल्कि ग्रुप की एक और बड़ी कंपनी Adani Green Energy के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों ने भी आग में घी डालने का काम किया।
- Adani Green ने इस तिमाही में ₹41 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी समय कंपनी मुनाफे में थी।
- चूंकि अडानी एंटरप्राइजेज एक ‘इन्क्यूबेटर’ की तरह काम करता है और पूरे ग्रुप की सेहत इससे जुड़ी होती है, इसलिए ग्रुप की दूसरी कंपनियों के खराब प्रदर्शन का सीधा असर इसके शेयरों पर भी पड़ा।
4. क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? (Technical Analysis)
बाजार के जानकारों का मानना है कि तकनीकी तौर पर भी शेयर कमजोर दिख रहा है।
- सपोर्ट लेवल्स: शेयर अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज (5-day, 50-day, और 200-day) के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह एक ‘बेयरिश’ (Bearish) संकेत है।
- Put Options में तेजी: डेरिवेटिव मार्केट में ₹1,900 और ₹2,000 के ‘पुट ऑप्शंस’ में भारी ट्रेडिंग देखी गई है, जिसका मतलब है कि ट्रेडर्स को आने वाले दिनों में और गिरावट की उम्मीद है।
5. निष्कर्ष: निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अडानी एंटरप्राइजेज में आज की गिरावट मुख्य रूप से ‘न्यूज-ड्रिवन’ (खबरों पर आधारित) है। हालांकि कंपनी के फंडामेंटल्स और नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर सुधार देखा गया है, लेकिन विदेशी कानूनी मामलों का साया इसे अस्थिर बना रहा है।
प्रो टिप: अगर आप एक छोटे निवेशक हैं, तो ऐसे समय में ‘पैनिक सेलिंग’ (डर में आकर बेचना) या ‘बॉटम फिशिंग’ (सस्ता समझकर खरीदना) दोनों से बचना चाहिए। जब तक कानूनी स्पष्टता नहीं आती, बाजार में ऐसी वोलाटिलिटी बनी रह सकती है।
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