गेमिंग जगत की दिग्गज कंपनी Ubisoft इस वक्त एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।1 हाल ही में कंपनी ने अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदलने (Major Restructure) का फैसला किया है, जिसके तहत कई चौंकाने वाले कदम उठाए गए हैं।2 गेमर्स के लिए सबसे बुरी खबर यह है कि कंपनी ने Prince of Persia: The Sands of Time Remake सहित कुल 6 प्रोजेक्ट्स को हमेशा के लिए बंद (Cancel) कर दिया है।3
इसके साथ ही, कंपनी ने अपने दो प्रमुख स्टूडियो को बंद करने और बड़े पैमाने पर छंटनी (Layoffs) की भी पुष्टि की है।4 आइए इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि आखिर गेमिंग की इस दिग्गज कंपनी में यह ‘भूकंप’ क्यों आया है।
1. इन प्रोजेक्ट्स पर गिरी गाज: ‘Prince of Persia’ का सपना टूटा
Ubisoft ने जिन 6 प्रोजेक्ट्स को रद्द किया है, उनमें सबसे बड़ा नाम ‘Prince of Persia: The Sands of Time Remake’ का है।5 यह गेम लंबे समय से चर्चा में था और भारतीय गेमिंग फैंस के लिए भी खास था क्योंकि इसकी शुरुआती कमान पुणे और मुंबई के स्टूडियो के पास थी।
- क्यों हुआ कैंसिल? कंपनी का कहना है कि यह गेम उनकी नई ‘क्वालिटी गाइडलाइंस’ पर खरा नहीं उतर रहा था। बार-बार होने वाली देरी और विकास में आ रही समस्याओं के कारण इसे अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है।6
- अन्य कैंसिल प्रोजेक्ट्स: ‘प्रिंस ऑफ पर्शिया’ के अलावा, 3 नए ऑरिजिनल आईपी (New IPs), एक मोबाइल गेम और एक अनाम प्रोजेक्ट को भी बंद कर दिया गया है।7
- देरी का सिलसिला: कंपनी ने 7 अन्य बड़े गेम्स की रिलीज डेट भी आगे बढ़ा दी है, ताकि उन्हें बेहतर फिनिशिंग दी जा सके।8 इसमें ‘Assassin’s Creed IV: Black Flag Remake’ जैसे टाइटल्स शामिल होने की संभावना है।9
2. दो स्टूडियो बंद और बड़े पैमाने पर छंटनी10
इस रीस्ट्रक्चरिंग का सबसे दुखद पहलू इसका मानवीय पक्ष है। Ubisoft ने अपनी लागत कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं:
- Ubisoft Halifax (कनाडा) और Ubisoft Stockholm (स्वीडन) को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।11
- Massive Entertainment और RedLynx जैसे बड़े स्टूडियो में भी छंटनी की पुष्टि की गई है।12
- कारण: कंपनी 2026 तक अपने खर्चों में लगभग €200 मिलियन (करीब 1800 करोड़ रुपये) की कटौती करना चाहती है।13
3. नया ऑपरेटिंग मॉडल: ‘Creative Houses’ की शुरुआत14
Ubisoft अब पुराने तरीके को छोड़कर “Creative Houses” मॉडल पर काम करेगी।15 कंपनी ने पूरी टीम को 5 अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया है, जो अपने-अपने जॉनर (Genre) के विशेषज्ञ होंगे:16
| विभाग (Creative House) | फोकस एरिया | प्रमुख गेम्स |
| House 1 (Vantage) | फ्लैगशिप गेम्स | Assassin’s Creed, Far Cry, Rainbow Six |
| House 2 | शूटर्स | The Division, Ghost Recon, Splinter Cell |
| House 3 | लाइव सर्विसेज | For Honor, Skull & Bones, The Crew |
| House 4 | एडवेंचर/फैंटेसी | Anno, Rayman, Beyond Good & Evil |
| House 5 | फैमिली/कैजुअल | Just Dance, Uno, Hungry Shark |
एक्सपर्ट राय: गेमिंग इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि Ubisoft अब “कम मगर बेहतर” (Less but Better) की रणनीति अपना रही है। वे अब हर तरह के गेम बनाने के बजाय केवल उन्हीं ब्रांड्स पर ध्यान दे रहे हैं जो पक्का मुनाफा कमा कर देते हैं।
4. कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ खत्म17
एक और बड़ा बदलाव जो चर्चा में है, वह है Return to Office पॉलिसी।18 Ubisoft ने अपने सभी कर्मचारियों को हफ्ते में 5 दिन दफ्तर आने का आदेश दिया है। कंपनी का मानना है कि फिजिकल कोलाबरेशन से गेम डेवलपमेंट की रफ्तार और क्वालिटी दोनों सुधरेगी, हालांकि कर्मचारी यूनियनों ने इस फैसले का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।
निष्कर्ष: क्या यह गेमिंग इंडस्ट्री के लिए खतरे की घंटी है?
Ubisoft का यह फैसला केवल एक कंपनी की कहानी नहीं है, बल्कि पूरी गेमिंग इंडस्ट्री में आ रहे बदलाव का संकेत है। बढ़ती हुई लागत, खिलाड़ियों की बदलती पसंद और एआई (AI) का बढ़ता दखल कंपनियों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर रहा है।19 प्रिंस ऑफ पर्शिया जैसे आइकॉनिक गेम का कैंसिल होना फैंस के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन शायद Ubisoft के लिए यह अस्तित्व बचाने की लड़ाई है।
क्या आप भी प्रिंस ऑफ पर्शिया रीमेक का इंतजार कर रहे थे? गेमिंग की दुनिया की ऐसी ही और इन-डेप्थ खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।
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